मुकम्मल जहा की तलाश में हम ही कितना खो गए,
खुद को देखा न खुदा को मसरूफ़ इतना हो गए,
जिसका ख्वाब देखा था वो तो न मिला हरगिज़,
लगता है पहचान बदल गई हमारी,
पहले क्या थे और अब क्या हो गए
Saturday, 30 April 2016
Post004 मुकम्मल जहाँ
Post003 हे गुरु
हे गुरु,
तुमसे बढ़कर कौन होगा
ब्रह्म के इस भूतल में,
अनंत सागर, हिम् के पर्वत,
अटल जग, चराचर में,
Friday, 29 April 2016
Post002 A DAY SELLING
Someone ask to me to sell my day
someone ask to me to do in his way
someone ask to me to do in his way
Someone ask to me to work over the night
To make them wealthy and more advance in fight
To make them wealthy and more advance in fight
Someone ask to me to hold them tight
Because they want to do what they lIke
Because they want to do what they lIke
Then i think
Thursday, 28 April 2016
Post001 माता और पिता
माता और पिता अपने पूरे जीवन में हमें क्या क्या देते है इसका अंदाज़ा लगा पाना भी संभव नही। उनके योगदान को शब्दों में बाँध पाना असंभव है। मेरी एक बहुत छोटी सी कोशिश आपके सामने रख रहा हूँ......
माँ धरती तो पिता वृक्ष है,
माँ नदिया तो पिता किनारा
माँ नदिया तो पिता किनारा
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